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सभी सरकारी नौकरीओ के लिया होगा एक ही common eligibility test

 The Mirror Time |August 21, 2020

सरकार विद्यार्थियों के जीवन शैली को आसान बनाने में लगी है। कभी परीक्षाओं के बोझ को काम करने की कोशिश की जा रही है तो कभी इन विद्यार्थियों के लिए परीक्षा के मार्ग को सरल और सुगम बनाया जा रहा है। इसी राह में अब सरकार द्वारा एक नया कदम उठाया गया है जहाँ कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट के जरिये सरकारी नौकरियां मिलने का एलान किया गया है।
इस टेस्ट के चलते खासकर रेलवे और बैंक से जुडी नौकरियां के लिए अब केवल एक ही टेस्ट सभी विद्यार्थियों को देना होगा। जिसके चलते विद्यार्थियों के माँ बाप के सर से अब फीस की टेंशन कम होगी क्यूंकि अब वद्यार्थियों को अलग-अलग टेस्टो के लिए अलग- अलग फीस का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। सभी को केवल एक ही एंट्रेंस एग्जाम की फीस भरने की जरूरत पड़ेगी । इस फैसले से हर साल सरकारी नौकरियों की परीक्षा में बैठने वाले तीन करोड़ युवाओं को बड़ी राहत मिलेगी। इस टेस्ट के लिए सरकार ने देश भर में 1000 से ज्यादा केंद्र बनाने की बात सामने रखी है। कोशिश की गयी है कि हर जिले में परीक्षा केंद्र बनए जाये तांकि दूरदराज के इलाकों में रहने वाले कैंडिडेट को भी पहुंचने में आसानी हो।


इस टेस्ट का स्कोर रिजल्ट जारी होने की तारीख से 3 साल तक वैलिड होगा और साथ ही उम्मीदवार स्कोर बढ़ाने के लिए बार-बार परीक्षा भी दे सकेंगे। हालाँकि सीईटी में एक निश्चेत आयु सीमा रखी गयी है । पर अन्य परीक्षायें जैसे की एससी, एसटी, ओबीसी और अन्य श्रेणी के विद्यार्थियों को ऐज लिमिट में छूट जरूर दी जाने वाली है।
इस टेस्ट में राष्ट्रीय एजेंसी स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC), सभी रेलवे भर्ती बोर्ड और इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल (IBPS) द्वारा गैर तकनीकी पदों के लिए ली जाने वाली सभी परीक्षाएं यही राष्ट्रीय एजेंसी करवाने वाली है और अब ये अनुमान है की भविष्य में भी लगभग सभी एजेंसियां इस से जुड़ जाने वाली है । पर अभी सीईटी के स्कोर का इस्तेमाल केवल यही तीन प्रमुख एजेंसियां करेंगी।
इस नई व्यवस्था से विद्यार्थोयों को बहुत लाभ होने वाला है। पहले विद्यार्थियों को अलग अलग परीक्षाओं की वजह से दोगुनी मेहनत करनी पड़ती थी
जिसकी वजह से उनका दोगुना समय और पैसा भी लगता था अब ऐसे समस्याओं से बच्चों को रहत मिलेने वाली है । ऐसी के साथ सीईटी इस एग्जाम को 12 भाषाओं में आयोजित किया जाने वाला है। कोई एक भाषा का फॉर्मेट नहीं होगा तांकि कोई एक भाषा विद्यार्थियों के लक्ष्य में भाधा ना बने।

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